Neev | नींव
दिल्ली के सबसे आलीशान इलाके में खड़ी एक कोठी…जिसका नाम था — “स्वर्ग”। लेकिन हर स्वर्ग की नींव मजबूत नहीं होती। आर्यन…एक सफल उद्योगपति।नाम, शोहरत, पैसा — सब कुछ था उसके पास। बस एक चीज़ नहीं थी…अपने पिता की सच्चाई। दो साल पहलेएक बूढ़े बाप कोउसकी ही बहू ने“स्टैंडर्ड” के नाम परघर से बाहर फेंक दिया। और बेटे से कहा —“वो गांव में खुश हैं…” लेकिन सच हमेशा छिपा नहीं रहता। अपने 35वें जन्मदिन परजब आर्यन एक वृद्धाश्रम में दान देने जाता है…वहीं एक कोने में बैठा एक कांपता हुआ बूढ़ाउसकी पूरी दुनिया हिला देता है। वह कोई और नहीं…उसका अपना पिता है। जिसने अपनी जमीन बेचकरउसे पढ़ाया…जिसने खुद फटे जूते पहनेताकि बेटा ब्रांडेड पहन सके। आज वही पितालावारिस बनकरमौत का इंतज़ार कर रहा है। उस रातएक पार्टी मेंकेवल सच्चाई नहीं खुलती…बल्कि रिश्तों की असली औकात सामने आती है। “नींव”एक कहानी है उस घर कीजो बाहर से महल थापर अंदर से खोखला।
- हिन्दी
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